हाई कोर्ट ने शगुन वैडिंग प्वांइट प्रतिष्ठान को 3 दिसंबर को हाजिर होने का नोटिस दिया
 


मसूरी। शगुन वेडिंग पॉइंट मैसर्ज प्रतिष्ठान के प्रबंधकों को नैनीताल उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी कर 3 दिसम्बर को शगुन वेडिंग पॉइंट मामले में सुनवाई को उपस्थित होने के लिये नोटिस जारी किया है। मालूम हो कि मसूरी नगरपालिका परिषद को 16 अगस्त को सिविल कोर्ट अमीन द्वारा पालिका भूमि 950,50 वर्ग मीटर जिसमें शगुन वैडिंग प्वाइंट पर पालिका के अध्यासन को हटा मैसर्स डिस्को एंटरप्राइजेज प्रा०लि० के अध्यासन का नोटिस मिला पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने तुरंत उक्त भूमि के दस्तावेज मंगा आपातकालीन बैठक में उच्च न्यायालय में प्रतिवाद किये जाने पर प्रस्ताव पास किया। वैडिंग पाइंट की भूमि सन 1971 में जाहिदा खान ने पालिका को आईस स्केटिंग बंनाने को दी थी जिसपर पालिका ने आइस स्केटिंग बनवाया था।जिसे पालिका चलाती थी।बाद में जाहिद खान और मुर्तुजा खान ने पालिका पर मुकद्दमा कर दिया व पालिका 1997 में जवाब दाखिल न किये जाने के कारण हार गई। और जाहिद खान और मुर्तजा खान के पक्ष में न्यायालय ने निर्णय दिया। बाद में पालिका द्वारा उक्त भूमि को लेकर जिला जज देहरादून में अपील की गई जो कि 27,जनवरी 2002 को पालिका के पक्ष में निर्णय हुआ। लेकिन इसके बाद शगुन प्वाइंट की भूमि पर घोटाला तब शुरू हुआ जब पालिका द्वारा उक्तभूमि की रजिस्ट्री 25 अगस्त 2003 को डिस्को एंटरप्राइजेज नाम से कर दी गई। आश्चर्य की बात ये है कि उसी शगुन प्वाइंट की भूमि को फिर डिस्को एंटरप्राइजेज द्वारा 30मई 2005 को दस साल के लिए पालिका को 9600 रूपया प्रति वर्ष के हिसाब से लीज पर दे दिया गया जो तत्कालीन बोर्ड द्वारा कोर्ट में रजिस्टर नहीं किया गया। देखने वाली बात है कि फिर 4 जुलाई 2015 को नगरपालिका के द्वारा डिस्को एंटरप्राइजेज तीन वर्ष के लिए उक्त भूमि को डिस्को एंटरप्राइजेज की मनमाफिक शर्तो पर तत्कालीन  बोर्ड ने बगैर  कोई प्रस्ताव पास किये लीज पर ले लिया और जब 16अगस्त 2019 को पालिका को सिविल कोर्ट अमीन से नोटिस मिला तब पालिकाध्यक्ष द्वारा आपात बैठक बुला कर इस मामले को उच्च न्यायालय में ले जाने के लिये पालिका बोर्ड में प्रस्ताव पास करवा कर उच्च न्यायालय में अपील की थी जिसको उच्च न्यायालय ने 3 दिसम्बर की तारीख मुकर्रर कर शगुन वैडिंग पॉइंट के मैसर्ज को नोटिस जारी किया है।